एशियन पैरा गेम्स में तीन बार स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज यादव का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

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एशियन पैरा गेम्स में तीन बार स्वर्ण पदक जीतने वाले नीरज यादव का निधन, खेल जगत में शोक की लहर

फ्लैट में मृत मिले नीरज

नई दिल्ली। एशियन पैरा गेम्स में तीन बार स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले भारतीय पैरा एथलीट नीरज यादव का निधन हो गया। उत्तर प्रदेश के रहने वाले नीरज के निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर है। उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को पहचान दिलाई थी। राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने उनके निधन की पुष्टि की।

फ्लैट में मृत मिले नीरज, कारणों का पता नहीं

राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण के अनुसार, नीरज ने अपने फ्लैट में आत्महत्या कर ली। फिलहाल, उनके इस कदम के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। कोच ने इस घटना को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। नीरज के निधन से भारतीय पैरा एथलेटिक्स को बड़ी क्षति पहुंची है।

एशियाई रिकॉर्ड के साथ जीता था स्वर्ण पदक

नीरज यादव ने वर्ष 2015 में दिल्ली राज्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता के दौरान गोला फेंक, भाला फेंक और चक्का फेंक स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। इस प्रदर्शन के बाद उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की।

वर्ष 2018 में इंडोनेशिया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में नीरज ने पुरुषों की एफ55 भाला फेंक स्पर्धा में 29.84 मीटर दूर भाला फेंककर एशियाई रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के बाद वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आए।

उनकी सफलता का सिलसिला यहीं नहीं थमा। अक्टूबर 2023 में चीन के हांगझोउ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने दो स्वर्ण पदक जीते। नीरज ने एफ54/55/56 वर्ग की चक्का फेंक स्पर्धा और पुरुषों की एफ55 भाला फेंक स्पर्धा में शीर्ष स्थान हासिल किया।

इसके अलावा, वर्ष 2022 में मोरक्को के माराकेच में आयोजित पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।

व्हीलचेयर टेनिस से शुरू हुआ था खेल करियर

नीरज यादव का जीवन संघर्ष और दृढ़ इच्छाशक्ति की मिसाल रहा। सात साल की उम्र में उन्हें पोलियो होने का पता चला था, जिसके बाद व्हीलचेयर उनके जीवन का हिस्सा बन गई। हालांकि, उन्होंने शारीरिक चुनौतियों को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया।

उन्होंने शुरुआत में करीब सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेला। इसके बाद वर्ष 2015 में एथलेटिक्स की दुनिया में कदम रखा और अपनी मेहनत के दम पर राष्ट्रीय से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सफलता हासिल की।

वर्ष 2016 में फाजा ग्रां प्री के दौरान नीरज ने पुरुषों की एफ55 गोला फेंक और चक्का फेंक स्पर्धाओं में रजत पदक जीते थे। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया और भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में जगह बनाई।

नीरज यादव का निधन भारतीय पैरा खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उनके शानदार प्रदर्शन और देश के लिए जीते गए पदक हमेशा याद किए जाएंगे। फिलहाल, उनके निधन से जुड़े घटनाक्रम और इसके पीछे की वजह को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

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