बर्मिंघम में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डवासी खूब झूमे उत्तराखण्ड के लोक गीतों पर

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बर्मिंघम में रह रहे प्रवासी उत्तराखण्डवासी खूब झूमे उत्तराखण्ड के लोक गीतों पर

बर्मिंघम में प्रीतम भरतवाण के जागर और विवेक नौटियाल व अंजली खरे के लोक गीतों पर जमकर झूमे 700 प्रवासी उत्तराखंडी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश जारी कर प्रवासी उत्तराखण्डवासियों को बग्वाल महोत्सव की दी बधाई

अपनी लोक संस्कृति, परम्पराओं और जड़ों से जोड़ने का यह सराहनीय प्रयास है – मुख्यमंत्री

शिल्पा प्रोडक्शन, देहरादून की बड़ी धमक, बर्मिंघम में आयोजित किया बग्वाल महोत्सव

बर्मिंघम, यूनाइटेड किंगडम। सात समंदर पार जब पहाड़ की संस्कृति, लोकसंगीत और परंपराओं का संगम हुआ, तो पूरा माहौल उत्तराखंडमय हो गया। शिल्पा प्रोडक्शंस एवं शैलेंद्र लस्याल के नेतृत्व वाले उत्तराखंड वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन द्वारा विगत 26 अक्टूबर 2026 को बर्मिंघम में आयोजित भव्य बग्वाल महोत्सव में प्रवासी उत्तराखंडियों ने जमकर उत्सव मनाया। करीब 700 लोगों की जुटान के बीच आयोजित इस कार्यक्रम ने उत्तराखंड की लोकसंस्कृति की ऐसी छटा बिखेरी कि हर कोई झूमने पर मजबूर हो गया।

सी.एम.धामी ने वीडियो संदेश से दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड पुष्कर सिंह धामी, द्वारा वीडियो संदेश के माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डवासियों को दी बग्वाल महोत्सव की बधाई एवं शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन हमे हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और परम्पराओं को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह बग्वाल महोत्सव उत्तराखण्ड की संस्कृति, लोक संगीत और हमारी विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ विदेशों में रह रहे उत्तराखंडियों को अपनी मातृभूमि से जोड़ने का माध्यम है।

प्रीतम भरतवाण के जागर ने बांधा समां
बग्वाल महोत्सव का मुख्य आकर्षण रहे उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक प्रीतम भरतवाण के जागर रहे, जिससे लोगों को अपनी मिट्टी, परंपराओं और पहाड़ की सांस्कृतिक विरासत की याद दिला दी। वहीं, विवेक नौटियाल और अंजलि खरे की दमदार आवाज़ ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। गीत-संगीत की धुनों पर लोग झूमते नजर आए और पूरा माहौल उत्साह, उमंग और उत्तराखंडी रंग में रंग गया।

विदेश में भी जीवंत रही देवभूमि की संस्कृति
बग्वाल महोत्सव सिर्फ मनोरंजन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि विदेश में रह रहे उत्तराखंडी भाई-बहनों को अपनी जड़ों से जोड़ने का एक खास अवसर बना। लोकगीतों, जागर और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच लोगों ने अपनी परंपराओं का उत्सव मनाया। बर्मिंघम की धरती पर पहाड़ की संस्कृति की यह गूंज प्रवासी समुदाय के लिए यादगार अनुभव बनी।

शिल्पा भट्ट बहुगुणा ने जताया आगे भी ऐसे आयोजन कराने का संकल्प
कार्यक्रम के बाद शिल्पा भट्ट बहुगुणा ने प्रवासी उत्तराखंडी समुदाय के सांस्कृतिक जुड़ाव को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विदेश में रह रहे उत्तराखंडी भाई-बहनों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखना बेहद जरूरी है। वह भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को मंच देती रहेंगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी रहें।

शिल्पा प्रोडक्शन की पहल ने बिखेरे पहाड़ी संस्कृति के रंग
शिल्पा प्रोडक्शंस और उत्तराखंड वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन की इस पहल ने बर्मिंघम में उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को एक मंच पर लाने का काम किया। जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के जागर, विवेक नौटियाल और अंजलि खरे की आवाज़ तथा प्रवासी उत्तराखंडियों के उत्साह ने इस महोत्सव को खास बना दिया। बर्मिंघम में गूंजा पहाड़ का जागर, लोकगीतों पर झूमे प्रवासी उत्तराखंडी और सात समंदर पार फिर जीवंत हुई देवभूमि की संस्कृति! विदेश में भी अपनी मिट्टी, अपनी संस्कृति और अपने पहाड़ से जुड़ाव की एक शानदार पहल।

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