उत्तराखंड में एक बार फिर आया जल प्रलय, चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से ऋषिगंगा तपोवन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट हुवा ध्वस्त

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लिया आपदाग्रस्त क्षेत्र का जायजा
MY BHARAT TIMES, CHAMOLI, उत्तराखंड के चमोली जिले की रैणी गाँव में आज सुबह लगभग 10:45 बजे ग्लेशियर के टूटने से अलकनंदा और उसकी सहायक नदियों में अचानक जल का स्तर बढ़ गया। इससे ऋषिगंगा तपोवन हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट को बहुत नुकसान हुवा है। धौली नदी में बाढ़ आने की सूचना मिलने के बाद जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है। इसके साथ ही हरिद्वार जिला प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है। सभी थानों और नदी किनारे बसी आबादी को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऋषिकेश में भी अलर्ट जारी किया गया है। नदी से बोट संचालन और राफ्टिंग बिलकुल बंद कर दी गई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके के लिए रवाना हो गई। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से बात की। उन्होंने राज्य को हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं को मदद करने के लिए कहा। सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव का कार्य कर रहे हैं। इस आपदा में लगभग 150 से भी ज्यादा लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है। राहत कार्य लगातार जारी है और अब तक 12 शव भी बरामद कर लिए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने जोशीमठ के रैणी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद सचिवालय में पत्रकारों से वार्ता में कहा कि इस आपदा में प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार लगभग 125 लोग लापता हैं। रैणी क्षेत्र के 5 लोगों की भी जान गई है। उन्होंने कहा कि मृतकों के आश्रितों को तात्कालिक रूप में 4-4 लाख की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा पहला उदेद्श्य जान माल की सुरक्षा का है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जब खबर लगी तो उन्होंने उनसे फोन पर बात कर चिंता व्यक्त की और कहा कि मदद की जरूरत पड़ने पर वे मदद के लिए तैयार हैं। प्रधानमंत्री ने मृतक आश्रितों को 02-02 लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा भी की है। उत्तराखंड के चमोली जिले में आई इस जल आपदा के बाद धौली गंगा में बाढ़ के खतरे को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश-जोशीमठ-माणा मार्ग को एहतियातन बंद कर दिया गया था। जानकारी के अनुसार अब इस मार्ग को यातायात के लिए फिर से खोल दिया गया है। अब राहत बचाव के काम तेज कर दिए गए हैं, इसके लिए पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलेगा। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद कंट्रोल रूम से इस पूरे ऑपरेशन निगरानी करेंगे। उत्तराखंड में सात साल बाद एक बार आई इस आपदा पर देश के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही फ़्रांस के राष्ट्रपति ने भी दुःख जताया है। इसके अतरिक्त अमेरिका ने भी उत्तराखंड में आई इस आपदा पर दुःख जताते हुए शोक संतिप्त परिवारों के साथ अपनी संवेदना प्रकट की है। उत्तराखंड के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी इस आपदा के बाद गंगा नदी के किनारों को खाली कराया गया है और सभी प्रशासनिक अधिकारियों और सम्बंधित विभागों को भी अलर्ट किया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आपदा की इस घडी में लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया में किसी भी प्रकार की भ्रामक अफवाह नहीं फैलायें।
