​महिलाओं के सम्मान और अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध होगी कड़ी कार्रवाई- कुसुम कण्डवाल

​महिलाओं के सम्मान और अस्मिता से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध होगी कड़ी कार्रवाई- कुसुम कण्डवाल

लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक है, लेकिन इसकी आड़ में महिलाओं पर अश्लील, अभद्र तथा अमर्यादित टिप्पणियाँ करना कतई बर्दाश्त नहीं : अध्यक्ष महिला आयोग

​राजनीतिक विरोध की आड़ में महिलाओं पर भद्दे कटाक्ष अश्लील और अमर्यादित टिपण्णी करने वाले पर प्रकरण पर संज्ञान के बाद राज्य महिला आयोग ने एसएसपी से तलब की कृत कार्रवाई की रिपोर्ट

​देहरादून। सोशल मीडिया पर महिलाओं के प्रति अश्लील, अभद्र तथा असम्मानजनक टिप्पणियाँ करने वाले असामाजिक तत्व के खिलाफ उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में राजधानी देहरादून में एक राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के चरित्र पर ‘पहाड़ प्रेमी राजेंद्र उत्तराखंडी’ नामक फेसबुक अकाउंट से अश्लील और अमर्यादित टिप्पणियां की गई थीं।

​प्रकरण सामने आते ही महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन को कड़े निर्देश दिए थे। अब मामले में प्राथमिकी दर्ज होने और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद, आयोग ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून से अद्यतन कृत कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है।

​मामले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन स्वाभाविक है, लेकिन इसकी आड़ में महिलाओं पर अश्लील, अभद्र तथा अमर्यादित टिप्पणियाँ करना कतई बर्दाश्त नहीं होगा।

​उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाएँ हर क्षेत्र में आगे बढ़कर नीति-निर्माता बन रही हैं और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में मातृशक्ति को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटिया मानसिकता वाले लोग समाज में केवल विकृति फैला रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ करने वालों पर आयोग सख्त कार्रवाई के लिए तत्पर है और कानून सबके लिए समान है।

​अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्पष्ट किया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब आयोग आगे की विधिक प्रक्रियाओं पर नज़र बनाए हुए है, इसीलिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से कृत कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है; ताकि महिलाओं के विरुद्ध ऐसी अश्लील और असम्मानजनक टिप्पणियों से मातृशक्ति के सम्मान को जो ठेस पहुँची है, उस पर सख्त संदेश जाए और संपूर्ण प्रदेश की महिलाओं को न्याय मिल सके।