प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया विश्व की सबसे लम्बी और सबसे ऊँचाई पर बनी अटल टनल का उद्घाटन
MY BHARAT TIMES, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज हिमांचल प्रदेश के रोहतांग में समुद्र तल से 10,000 फुट की ऊँचाई पर बनी अटल टनल (रोहतांग टनल) का उद्घाटन किया। अटल टनल दुनिया की सबसे लंबी हाइवे टनल है, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह टनल देखने में घोड़े की नाल की आकार की है। प्रधानमंत्री ने ‘‘अटल सुरंग’’ के उद्घाटन के बाद यहाँ एक समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि देश ने लंबे समय तक एक ऐसा दौर भी देखा जब रक्षा हितों के साथ समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा जरूरतों और रक्षा हितों का ध्यान रखना उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाली 9.02 किलोमीटर लंबी अटल सुरंग दुनिया की सबसे लंबी राजमार्ग सुरंग है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण यह सुरंग हिमालय की पीर पंजाल श्रृंखला में औसत समुद्र तल से 10,000 फीट की ऊँचाई पर अति-आधुनिक विशिष्टताओं के साथ बनाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज सिर्फ अटल जी का ही सपना नहीं पूरा हुआ है,बल्कि हिमांचल प्रदेश के करोड़ों लोगों का भी दशकों पुराना इंतजार खत्म हुआ है, इस टनल से मनाली और केलॉन्ग के बीच की दूरी 3-4 घंटे कम हो ही जाएगी।
2013-14 तक हुआ था सिर्फ 1300 मीटर का काम : प्रधानमंत्री
टनल के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि पहाड़ के मेरे भाई-बहन समझ सकते हैं कि पहाड़ पर 3-4 घंटे की दूरी कम होने का मतलब क्या होता है, हमेशा से यहाँ के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने की मांग उठती रही है, लेकिन लंबे समय तक हमारे यहां बॉर्डर से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रोजेक्ट या तो प्लानिंग की स्टेज से बाहर ही नहीं निकल पाए या जो निकले वो या तो अटक गए या फिर अपने मार्ग से ही भटक गए। उन्होंने कहा कि साल 2002 में अटल जी ने इस टनल के लिए अप्रोच रोड का शिलान्यास किया था। अटल जी की सरकार जाने के बाद, जैसे इस काम को भी भुला दिया गया, हालात ये थे कि साल 2013-14 तक टनल के लिए सिर्फ 1300 मीटर का काम हो पाया था। प्रधानमंत्री ने कहा की एक्सपर्ट के अनुसार यदि जिस रफ़्तार से 2014 में काम चल रहा था उसी रफ़्तार से काम चलता तो अभी और इस काम में लगभग 20 साल और लग जाते। उन्होंने कहा की यदि हमे देश में प्रगति करनी है और देश के लोगों के लिए विकास कार्य करने हैं तो उसके लिए रफ़्तार भी बढ़ानी होगी। मोदी ने कहा कि 2014 के बाद से अटल टनल में तेज रफ़्तार से काम किया गया और हमने 26 साल के काम को सिर्फ 6 साल में पूरा कर देश की जनता को यह मार्ग समर्पित किया। इसे रोज 3,000 कारों और 1,500 ट्रकों का ट्रैफिक झेलने के लिहाज से बनाया गया है। इस सुरंग के खुल जाने से हिमांचल प्रदेश के कई ऐसे इलाके जो सर्दियों में बर्फबारी के चलते बाकी देश से कट जाते थे, वे पूरे साल संपर्क में रहेंगे। मनाली और लेह की दूरी भी इससे खासी कम हो जाएगी, अभी रोहतांग पास के जरिए मनाली से लेह जाने में 474 किलोमीटर का सफर तय करना होता था अब अटल टनल से यह दूरी घटकर 428 किलोमीटर रह जाएगी। टनल के अंदर कटिंग एज टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।
अटल टनल बनने से हिमांचल प्रदेश की पहचान पूरे विश्व में बनी : मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
हिमांचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि इस टनल के निर्माण के बाद हिमांचल प्रदेश, जो छोटा राज्य है, उसे केवल देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में पहचान मिली है। इतनी ऊँचाई पर इतनी लंबाई वाली कोई दूसरी टनल नहीं है। इस टनल की बनावट से लेकर इसमें से वाहनों के गुजरने और इसकी निगरानी को लेकर काफी हाइटेक इंतजाम किए गए हैं। इस टनल की निर्माण लागत करीब 3200 करोड़ रुपये है, इस प्रोजेक्ट का निर्माण 6 साल से कम समय में होना था लेकिन इसे पूरा होने में 10 साल का समय लगा।
