1985 बैच के आईपीएस सुबोध कुमार जायसवाल को दो साल के लिए मिली केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) के निदेशक की जिम्मेदारी
MY BHARAT TIMES, नई दिल्ली, बीते फरवरी महीने में आरके शुक्ला के रिटायर होने के बाद देश की शीर्ष जाँच एजेंसी के प्रमुख का पद रिक्त चल रहा था। केंद्र सरकार ने लंबी जद्दोजहद के बाद महाराष्ट्र कैडर के 1985 बैच के आईपीएस सुबोध कुमार जायसवाल को 2 साल की अवधि के लिए केंद्रीय जाँच ब्यूरो के निदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। सुबोध कुमार जायसवाल को उनके करियर में साफ़-सुथरी छवि का अधिकारी बताया जाता है। फिलहाल 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी और सीबीआई के अतिरिक्त निदेशक प्रवीण सिन्हा सीबीआई निदेशक का प्रभार संभाल रहे हैं। सिन्हा को यह प्रभार ऋषि कुमार शुक्ला के सेवानिवृत्त होने के बाद सौंपा गया था। सीबीआई के नए निदेशक की नियुक्ति को लेकर हुई बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा समिति के दो अन्य सदस्य, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमन्ना भी बैठक में उपस्थित रहे और यह बैठक प्रधानमंत्री आवास पर संपन्न हुई, हालांकि इस दौरान कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी न अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर भी कई सवाल उठाये। केंद्र सरकार द्वारा मंगलवार देर शाम जारी किए गए आदेश में सुबोध जायसवाल को अगले दो साल के लिए सीबीआई का निदेशक नियुक्त किया गया है, फिलहाल वह डीजी सीआईएसएफ के पद पर हैं। वह पूर्व में महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक पद पर भी रह चुके हैं। सुबोध कुमार जायसवाल 2006 मुंबई सीरियल ब्लॉस्टकी जाँच से भी जुड़े थे,सुबोध कुमार जायसवाल 23 साल की उम्र में ही आईपीएस अधिकारी बन गए थे। उनकी काबलियत को देखते हुए देश की खुफिया एजेंसी में उनका कई महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए चयन किया गया, जहाँ पर उन्होंने बहुत ही बेहतर तरीके से अपनी भूमिका निभाई। 22 सितंबर 1962 को जन्मे जायसवाल 1985 बैच के आइपीएस हैं।
महाराष्ट्र कैडर में होने के कारण वे मुंबई के पुलिस कमिश्नर और महाराष्ट्र के डीजीपी भी रहे चुके हैं। वे नौ साल तक रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रा) में भी सेवाएं दे चुके हैं। उन्होंने रा में रहते हुए तीन साल तक अतिरिक्त सचिव की जिम्मेदारी भी निभाई। सीबीआइ के नए निदेशक के लिए सोमवार को जिन तीन नामों का पैनल तय हुआ उसमें जायसवाल सबसे वरिष्ठ थे। अन्य दो नाम गृह मंत्रालय के विशेष सचिव वीएसके कौमुदी और एसएसबी के महानिदेशक केआर चंद्रा के थे। सीबीआइ के नए प्रमुख की नियुक्ति में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तय एक नियम के चलते इस दौड़ में शामिल दो प्रमुख नाम विचार करने से पहले ही बाहर हो गए। सीबीआई निदेशक की दौड़ में शामिल वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना और वाईसी मोदी दोनों गुजरात कैडर के हैं और सीबीआइ निदेशक पद के लिए केंद्र सरकार के पसंदीदा अधिकारियों में गिने जा रहे थे। वाईसी मोदी इसी 31 मई को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआइए) से रिटायर हो रहे हैं, जबकि बीएसएफ के महानिदेशक राकेश अस्थाना 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो जायेंगे। सुबोध कुमार जायसवाल तेलगी घोटाले की जाँच के बाद चर्चा में आए थे, उस समय वह स्टेट रिजर्व पुलिस फोर्स का नेतृत्व कर रहे थे। सुबोध कुमार जायसवाल ने महाराष्ट्र एटीएस का नेतृत्व करते हुए कई आतंकवाद विरोधी अभियानों में भी काम किया है। उन्हें 2009 में उनकी विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया था।
