जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागर में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक का हुवा आयोजन
MY BHARAT TIMES, मंगलवाल, 22 दिसंबर 2020 (ऊधमसिंह नगर), सड़क दुर्घटना पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी श्रीमती रंजना राजगुरू की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागर में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुयी। उन्होंने एआरटीओ, पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग, एनएच, एनएचएआई, शिक्षा विभाग व नगर निगम के अधिकारियों को सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उन्होंने तहसील स्तर पर उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी एवं एआरटीओ सड़क सुरक्षा ओवर स्पीड, ओवर लोडिंग, गलत तरीके से ड्राविंग, बिना लाइसेंस, सीट बेल्ट का उपयोग ना करने वाले, मोबाइल से बात करते हुए तथा शराब का सेवन कर ड्राइविंग करने वालो के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने दुर्घटनाओं की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए सभी वहनों में रिफ्लेक्टर टेप लगाने का कार्य शत प्रतिशत पूर्ण करने को कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि जनपद के सभी (ब्लैक स्पाट्स) अंधे मोड़ों अथवा अतिदुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में अनिवार्य रूप से रेफलेक्टिव इन्डिकेटर बोर्ड स्थापित कराये जायें। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि ऑटो/ई-रिक्शा को कलर कोड के आधार पर उनका रूट निर्धारित करें।
जिलाधिकारी ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि वाहन चालक अनिवार्य रूप से मास्क पहने तथा एक्स्ट्रा मास्क और सेनेटाइजर वाहन में आवश्यक रूप से रखें ताकि किसी पैसेंजर के पास मास्क ना होने पर उसे मास्क दिया जा सके, बिना मास्क के पैसेंजर गाड़ी में ना बैठाए जाए। टैक्सी चालकों की समय-समय पर सैंपलिंग कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि परिवहन विभाग व पुलिस विभाग द्वारा नियमित रूप से यातायात नियमों की जानकारी जन-जन तक पहुॅचाये जाने के उद्देश्य से वाल राईटिंग, होर्डिंग्स व बैनर इत्यादि के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करायें साथ ही सुरक्षा एवं यातायात नियमों की जानकारी उपलब्ध करायी जाए तथा यातायात नियमों एवं संकेतों के बारे में भी जागरूक किया जाय। जिससे जन-मानस को यातायात सम्बन्धी नियमों की जानकारी हो सके और दुर्घटना में कमी लायी जा सके। पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर अवैध रूप से संचालित वाहनों की सघन चेकिंग कर उनके विरूद्ध कार्यवाही की जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ने एआरटीओ को कडे निर्देश दिये कि प्रति माह जो भी चालान की कार्यवाही, स्पीड गर्वनर, रिफ्लेक्टर टेप लगाने आदि जो भी सडक सुरक्षा से सम्बन्धित कार्य अमल में लाये जाते हैं, उनकी प्रति माह की रिपोर्ट आगामी बैठक में प्रस्तुत करें।
