डीजीपी आईपीएस अशोक कुमार ने एक बार फिर दिखाई उदारता, ढाई साल की बच्ची को बचाने के लिए 12 घंटे में दिलाये 12 लाख

डीजीपी आईपीएस अशोक कुमार ने एक बार फिर दिखाई उदारता, ढाई साल की बच्ची को बचाने के लिए 12 घंटे में दिलाये 12 लाख

MY BHARAT TIMES, DEHRADUN, उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक आईपीएस अशोक कुमार का मानवीय रूप एक बार फिर से देखने को मिला है। वह अपने अनुभव और शालीन व्यवहार से पुलिस वयवस्था में सुधर लेन के साथ ही पुलिस कर्मियों की समस्या भी सुलझा रहे हैं। उनके कार्यकाल में पुलिस की जीवन रक्षा निधि पुलिस कर्मियों और उनके परिजनों के लिए मददगार बन रही है। पुलिस महानिदेशक को सोशल मीडिया से सूचना प्राप्त हुई कि बागेश्वर जिले के कपकोट फायर स्टेशन में तैनात बलवंत सिंह राणा की ढाई वर्ष की बेटी अक्षिता का स्वास्थ खराब है और उसका पीजीआई लखनऊ में उपचार चल रहा है। बच्ची का बोन मैरो ट्रांसप्लांट होना है, जिसका लगभग 12 लाख रूपए खर्च बताया है। जानकारी प्राप्त होने के बाद पुलिस महानिदेशक ने पुलिस अधीक्षक बागेश्वर से इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी हांसिल की जिसके बाद उनको तथ्य सही पाये गए और फिर उन्होंने फायर मैन बलवन्त सिंह राणा के परिवार से बात कर हर सम्भव मदद करने का भरोसा दिलाया।उसके बाद उन्होंने पीजीआई लखनऊ में डाॅक्टरों से बात कर बच्ची का पूरा ध्यान रखने हेतु कहा। साथ ही तुरंत जीवन रक्षा निधि से फायर मैन बलवन्त सिंह राणा को 12 लाख रूपए अग्रिम के रूप में दिए गए। कोई भी पुलिसकर्मी पति-पत्नी अपने माता-पिता, अविवाहित पुत्र/पुत्री (कोई आयु सीमा नहीं), जो उन पर पूर्णतः आश्रित हो हेतु इस निधि का उपयोग कर सकते हैं। जीवन रक्षा निधि की यह राशि बलवंत राणा के खाते में पहुँच चुकी है, जिसके बाद अब उस बच्ची का इलाज सही से हो पायेगा। पुलिस महानिदेशक ने इसके बाद भी बलवंत राणा के परिवार से बात कर बच्ची के इलाज में पूर्ण सहयोग करने का विश्वास दिलाया है।