जिलाधिकारी नरेंद्र सिंह भंडारी ने मानसून काल के मद्देनजर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की
MY BHARAT TIMES, 04 जुलाई 2022, चम्पावत (सू.वि.)। मानसून काल के मद्देनजर जिलाधिकारी ने तहसील पूर्णागिरि सभागार (टनकपुर) में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान सभी अधिकारी अलर्ट मोड में रहे। आईआरएस अंतर्गत जिस भी विभाग के जो दायित्व हैं वह बिना किसी लापरवाही से उसका निर्वहन करें।
बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से टनकपुर एवं बनबसा क्षेत्रों के जलभराव की समस्या के संबंध में चर्चा की और सिंचाई विभाग से जानकारी प्राप्त करते हुए जलभराव के संबंध में क्या-क्या तैयारी की जा रही हैं उसकी जानकारी ली।
सिंचाई विभाग के अधिकारी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि विभिन्न क्षेत्रों के संवेदनशील पांच स्थानों पर सुरक्षा के कार्य विभाग द्वारा किए जा रहे हैं साथ ही शारदा नदी के किनारे से लेकर अन्य क्षेत्र में भू कटाव रोकथाम के साथ ही बाढ़ के निरीक्षण हेतु भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही सिंचाई विभाग के अभियंता ने अवगत कराया गया कि बाढ़ निरीक्षण के कार्यों में क्षेत्रों में ट्रेंडिंग की कार्यवाही चल रही है और कुछ के प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किरोड़ा नाला एवं हुड्डी नदी के कटाव की रोकथाम व अन्य दीर्घकालिक कार्यो के संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजें। और मानसून काल में अलर्ट रहें और भू कटाव की रोकथाम हेतु वैकल्पिक व्यवस्था रखें। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि माननीय मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के क्रम में टनकपुर एवं बनबसा क्षेत्र अंतर्गत जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान हेतु आगामी 30 जुलाई तक सर्वे कार्य करना सुनिश्चित करें। *यह कार्य अति आवश्यकीय है इसलिए इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस संबंध में सिंचाई विभाग जन प्रतिनिधियों से वार्ता एवं सुझाव प्राप्त कर सर्वे का कार्य शीघ्र प्रारंभ करें।
बैठक में उप जिलाधिकारी टनकपुर पीपीटी के माध्यम से ड्रोन से लिए गए क्षेत्र के जलभराव एवं आपदा संभावित संवेदनशील क्षेत्रों के बारे में जिलाधिकारी को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मानसून के मध्य नजर क्षेत्र अंतर्गत किसी भी प्रकार की आपदा संभावित घटनाओं हेतु आईआरएस से जुड़े विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर तैयारी की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि किरोड़ानाला एवं हुड्डी नदी से होने वाले नुकसान एवं जलभराव की रोकथाम हेतु रिवर ट्रेनिंग चैनलाइजेशन का कार्य भी अति महत्वपूर्ण है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा क्षेत्र अंतर्गत जितने भी पेड़ खतरे की जद में हैं और उनका लॉपिग का कार्य नहीं किया गया है। राजस्व विभाग, वन विभाग, वन निगम, पुलिस विभाग एवं नगरपालिका संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण कर लापिंग एवं कटान का कार्य करें। यदि पेड़ गिरने के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि होती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी वन विकास निगम व प्रबंधक की होगी। जिसके खिलाफ सूचना प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। बैठक के दौरान पूर्णागिरि क्षेत्र में हो रही पेयजल की समस्या के समाधान हेतु जल संस्थान को निर्देश दिए।
उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को विगत बैठक में नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत आवारा सूअरों के आवासीय एवं सरकारी स्थानों में घूमने एवं गंदगी करने पर वर्तमान तक कोई भी कार्यवाही ना करने पर स्पष्टीकरण देने के साथ ही 3 दिन के भीतर आवारा सुअरों का चालान करने एवं इस पर की जा रही कार्रवाई के संबंध में टेंडर प्रकाशित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त उन्होंने अधिशासी अधिकारी नगर पालिका को निर्देश दिए कि माननीय मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत टनकपुर में प्रस्तावित गौशाला निर्माण हेतु प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित करें। साथ ही अन्य विभाग भी माननीय मुख्यमंत्री घोषणा अंतर्गत जिस भी विभाग की जो भी कार्य होने हैं उसके प्रस्ताव तैयार कर पर शासन को भेजे।
बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका टनकपुर विपिन कुमार, उप जिलाधिकारी टनकपुर हिमांशु कफलटिया, आर.ओ. वन विभाग, अधिशासी अधिकारी टनकपुर राहुल कुमार सिंह, ई.ओ. बनबसा प्रियंका व जल संस्थान समेत अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहें।
