रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत, समर्थकों ने देशभर में मनाया जश्न
MY BHARAT TIMES, रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी आज तलोजा जेल से रिहा हो गए हैं। रिहा होने के बाद अर्नब गोस्वामी ने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट का आभारी हूँ, ये भारत के लोगों की जीत है। अर्नब गोस्वामी ने तलोजा जेल से रिहा होने के बाद अपने समर्थकों के प्रति आभार प्रकट किया। जेल से बाहर निकलने के बाद अर्नब गोस्वामी ने भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। अर्नब गोस्वामी के जेल से रिहा होने के बाद पूरे देश के विभिन्न कोनों में जश्न मनाया गया, जगह-जगह पर मिठाइयाँ भी बाँटी गई। अयोध्या से लेकर मुंबई तक संत समाज में भी ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी। अर्नब गोस्वामी को चार नंवबर को बिना किसी सूचना के एक बंद हुए केस में महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद उन्हें अलीबाग कोर्ट में पेश किया था। स्थानीय कोर्ट ने इस मामले में महाराष्ट्र पुलिस को फटकार लगाते हुए पूछा था कि किसके कहने पर बंद हुए केस को खोला गया। इस दौरान पुलिस ने पुलिस कस्टडी की मांग की थी, हालांकि कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जिसके बाद अर्नब गोस्वामी ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रूख किया था, लेकिन उनको वहाँ से रहत नहीं मिली। अर्नब गोस्वामी ने बंबई उच्च न्यायालय के नौ नवंबर के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें अंतरिम जमानत देने से इंकार करते हुए कहा गया था, ‘‘इसमें हमारे असाधारण अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए कोई मामला नहीं बनता है।’’
आज सुबह साढ़े दस बजे से सुप्रीम कोर्ट में इस केस की सुनवाई हुई, जिसके बाद शाम को लगभग सवा चार बजे सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत दी थी। जिसके बाद कोर्ट ने रायगढ़ पुलिस को उन्हें जल्द रिहा करने का आदेश भी दिया। मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार के वकील से सवाल किया कि‘‘क्या धन का भुगतान नहीं करना, आत्महत्या के लिए उकसाना है? यह न्याय का उपहास होगा अगर प्राथमिकी लंबित होने के दौरान जमानत नहीं दी जाती है। कोई व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को पैसे का भुगतान नहीं करता है तो क्या यह आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला है? अगर हाईकोर्ट इस तरह के मामलों में कार्यवाही नहीं करेंगे तो व्यक्तिगत स्वतंत्रता पूरी तरह नष्ट हो जायेगी। हम इसे लेकर बहुत ज्यादा चिंतित हैं। अगर हम इस तरह के मामलों में कार्रवाई नहीं करेंगे तो यह बहुत ही परेशानी वाली बात होगी।’’
अर्नब गोस्वामी रिहा होने के बाद देर रात लगभग 11 बजे तलोजा जेल से अपने न्यूज़ रूम पहुँचे, जहाँ पर उनके स्टॉफ के द्वारा उनका स्वागत किया गया। उनके साथियों के द्वारा उनके स्वागत में एक केक का इंतजाम भी किया गया था, लेकिन इससे पहले जब अर्नब गोस्वामी अपने न्यूज़ रूम में पहुँचे तो उन्होंने इस जीत को देश की जनता की जीत बताते हुए कहा की ” यह भारत के जनता की जीत है, उन्होंने इसके लिए जनता का आभार जताते हुए कहा कि देश की जनता के समर्थन के कारण आज उनके हौंसले और भी ज्यादा बुलुंद हो चुके हैं। अब वह और भी ज्यादा जोश के साथ देश को सर्वोपरि मानते हुए देश की जनता की आवाज उठायेंगे।” इस दौरान उन्होंने अपनी टीम में जोश भरते हुए कहा की अभी तो शुरुवात हुई है हमें आगे और लड़ाई लड़नी है और सभी प्रकार की साजिशों को नाकाम करना है। अर्नब गोस्वामी ने इस जीत को असत्य पर सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि देश के लोग उनके साथ है और वह किसी भी प्रकार से समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने देश के हित को सर्वोपरि माना और कहा कि यह देश के लोगों की जीत है। उन्होंने कहा कि उन्हें जेल के अंदर भी, बाहर भी और देश के चारों कोनों से जो उनको आम जनता का समर्थन मिला, उस सबकी जानकारी उनको है और इसीलिए उन्होंने जेल से बाहर आते ही सुप्रीम कोर्ट और आम जनता का आभार व्यक्त किया।
