गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के तत्वाधान में जिला कार्यालय सभागार चम्पावत में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के तत्वाधान में जिला कार्यालय सभागार चम्पावत में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

MY BHARAT TIMES, मंगलवार, 3 नवम्बर 2020, चम्पावत (सू०वि०), गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान के तत्वाधान में जिला कार्यालय सभागार में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सम्पन्न हुआ। कार्यशाला के दौरान पर्यावरण संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम ने उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देहरादून द्वारा वित्त पोषित प्रोजेक्ट का जिला पर्यावरण प्रबंधन प्लानिंग से संबंधित होने वाले कार्यकलापों का विभिन्न विभागों के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया। मुख्य विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि पर्यावरण और परिस्थितिकीय पहलुओं को संरक्षित रखते हुए पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है, इसके संतुलन को बनाए रखने के लिए हम लोगों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने नगर निकाय, जल संस्थान, फॉरेस्ट, परिवहन व विकास प्राधिकरण आदि विभागों को ठोस कार्य योजना बनाने के साथ ही प्रस्तावित किए गए प्रारूप को शीघ्र भरकर पर्यावरण संस्थान अल्मोड़ा को उपलब्ध कराने को कहा ताकि जिले की पर्यावरण प्लानिंग से संबंधित रिपोर्ट एनजीटी के सुपुर्द की जा सके। कार्यशाला में अपर जिलाधिकारी टीएस मर्तोलिया, प्रभागीय वनाधिकारी मयंक शेखर झा के साथ ही अन्य अधिकारियों ने पर्यारण संरक्षण पर अपने-अपने विचार रखें।

कार्यशाला में जी०बी० पन्त हिमालय पर्यावरण संरक्षण के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ० जेसी० कुनियाल ने उपस्थित विभागीय अधिकारियों को पर्यावरण के संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी और कहा कि प्लास्टिक बेस्ट, मैनेजमेंट, वायु प्रदूषण, सोलेट बेस्ट मैनेजमेंट, बायोमेडिकल बेस्ट, आदि पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यों के बेहतर निष्पादन को लेकर हमारी जिम्मेदारियाँ और अधिक बढ़ गयी हैं । उन्होंने कहा कि पर्यावरण के असंतुलन से भविष्य में जीवन मुश्किलों भरा रहेगा इसलिए पर्यावरण संरक्षण के लिए जन सहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने जिला पर्यावरण प्लानिंग में 14 संबंधित थिमेटिक क्षेत्रों का विस्तार से वर्णन किया। इस प्लानिंग के तहत अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार करने के प्रारूप के बारे में भी विस्तार से बताया गया। पर्यावरण संस्थान के डॉ० सुमित राय, मृदा वैज्ञानिक एवं डॉ० कपिल केसरवानी ग्लेशियर वैज्ञानिक ने पर्यावरण के संरक्षण पर अपने-अपने विचार रखे।

कार्यशाला में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० आरपी खंडूरी, परियोजना निदेशक हेमन्ती गुंज्याल, उपजिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल, आरसी गौतम, प्रभारी अधिकारी गोपाल दत्त पाण्डेय, एसडीओ वन एमएम भट्ट, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी रश्मि भट्ट, जिला पर्यटन अधिकारी लता बिष्ट, ईओ नगर पालिका टनकपुर डीके शर्मा, ईओ नगर पंचायत लोहाघाट कमल कुमार, बनबसा केएस रावत सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।